होम लोन कैसे मिलता है: होम लोन लेने से पहले ये 10 चीजें ज़रूर जान लें

होम लोन कैसे मिलता है

घर खरीदने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है। होम लोन इस सपने को साकार करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। यदि आप भी सोच रहे हैं कि होम लोन कैसे मिलता है और होम लोन लेने से पहले कौन-कौन सी बातें जाननी चाहिए, तो यह लेख आपके लिए है।

होम लोन क्या है?

होम लोन एक प्रकार का ऋण है, जिसे बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) घर खरीदने, निर्माण करने, मरम्मत या विस्तार के लिए प्रदान करती हैं। यह ऋण आमतौर पर 20 से 30 वर्षों की अवधि के लिए होता है, और इसमें ब्याज दरें बैंक की नीतियों और आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती हैं।

होम लोन लेने से पहले ये 10 बातें ज़रूर जान लें

1. क्रेडिट स्कोर जांचें

होम लोन प्राप्त करने में क्रेडिट स्कोर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह आपकी क्रेडिट योग्यता का संकेत देता है और यह निर्धारित करता है कि आप ऋण चुकाने में सक्षम हैं या नहीं। आदर्श क्रेडिट स्कोर 725 से ऊपर माना जाता है। उच्च क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को कम ब्याज दरों पर लोन मिलने की संभावना अधिक होती है। यदि आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो उसे सुधारने के लिए समय पर बिलों का भुगतान करें, क्रेडिट कार्ड का उपयोग सीमित करें और पुराने लोन चुकता करें।

2. ब्याज दरों की तुलना करें

होम लोन पर ब्याज दरें विभिन्न बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) में अलग-अलग होती हैं। वर्तमान में, ब्याज दरें 7.35% प्रति वर्ष से शुरू होती हैं। ब्याज दरों की तुलना करने से आपको सबसे सस्ता लोन मिल सकता है। इसके लिए आप विभिन्न बैंकों की वेबसाइटों पर जाकर या ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस का उपयोग करके ब्याज दरों की तुलना कर सकते हैं।

3. प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों की जानकारी लें

होम लोन लेते समय प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज़ीकरण शुल्क और अन्य शुल्कों का भुगतान करना पड़ता है। प्रोसेसिंग फीस आमतौर पर लोन राशि का 0.5% से 1% तक होती है। इसके अतिरिक्त, कुछ बैंकों द्वारा प्री-पेमेंट शुल्क, लेट पेमेंट शुल्क और अन्य शुल्क भी लगाए जा सकते हैं। इन शुल्कों की जानकारी पहले से लेना आवश्यक है ताकि आप अप्रत्याशित खर्चों से बच सकें।

4. लोन की अवधि तय करें

होम लोन की अवधि आमतौर पर 20 से 30 वर्षों की होती है। लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, आपकी मासिक ईएमआई उतनी कम होगी, लेकिन कुल ब्याज भुगतान अधिक होगा। इसके विपरीत, लोन की अवधि कम होने पर ईएमआई अधिक होगी, लेकिन कुल ब्याज भुगतान कम होगा। इसलिए, लोन की अवधि का चयन करते समय अपनी मासिक आय और पुनर्भुगतान क्षमता का ध्यान रखें।

5. EMI की गणना करें

होम लोन की मासिक किस्त (EMI) की गणना करने के लिए आप ऑनलाइन EMI कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। EMI की गणना लोन राशि, ब्याज दर और लोन की अवधि के आधार पर की जाती है। EMI कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपनी मासिक किस्त का अनुमान लगा सकते हैं और अपनी पुनर्भुगतान क्षमता का मूल्यांकन कर सकते हैं।

6. पात्रता मानदंड समझें

होम लोन के लिए पात्रता मानदंड बैंक और HFCs द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। आमतौर पर, आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, आवेदक के पास स्थिर आय का स्रोत होना चाहिए, जैसे नौकरी या व्यवसाय। कुछ बैंकों में न्यूनतम मासिक आय ₹25,000 निर्धारित की जाती है। इसके अलावा, आवेदक का क्रेडिट स्कोर, कार्य अनुभव और अन्य वित्तीय कारक भी पात्रता को प्रभावित करते हैं।

7. आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें

होम लोन के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है:

पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, या ड्राइविंग लाइसेंस।

पते का प्रमाण: बैंक स्टेटमेंट, बिजली बिल, पानी बिल, या राशन कार्ड।

आय प्रमाण: नौकरीपेशा के लिए: सैलरी स्लिप, फॉर्म 16, और पिछले 3 वर्षों के आयकर रिटर्न।

व्यवसायियों के लिए: बिजनेस लाइसेंस, पिछले 3 वर्षों के आयकर रिटर्न, और बैलेंस शीट।

प्रॉपर्टी दस्तावेज़: प्रॉपर्टी का टाइटल डीड, NOC, और अन्य संबंधित दस्तावेज़।

इन दस्तावेज़ों की पूर्णता और सटीकता सुनिश्चित करें ताकि लोन प्रक्रिया में कोई विलंब न हो।

8. लोन की राशि तय करें

होम लोन की राशि आपकी आवश्यकता, मासिक आय, और पुनर्भुगतान क्षमता पर निर्भर करती है। आमतौर पर, बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का 80% तक लोन प्रदान करते हैं। कुछ प्राइवेट बैंक 90% तक भी लोन दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि घर की कीमत ₹50 लाख है, तो बैंक ₹40 लाख तक का लोन प्रदान कर सकते हैं। बाकी की राशि आपको डाउन पेमेंट के रूप में देनी होती है।
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9. ब्याज दरों के प्रकार समझें

होम लोन पर ब्याज दरें दो प्रकार की होती हैं:

फिक्स्ड ब्याज दर: इसमें ब्याज दर लोन की पूरी अवधि के लिए स्थिर रहती है। इससे ईएमआई की राशि निश्चित रहती है, लेकिन यदि बाजार में ब्याज दरें घटती हैं, तो इसका लाभ नहीं मिल पाता।

फ्लोटिंग ब्याज दर: इसमें ब्याज दर बाजार की दरों के अनुसार बदलती रहती है। यदि बाजार में ब्याज दरें घटती हैं, तो आपकी ईएमआई कम हो सकती है, लेकिन यदि बढ़ती हैं, तो ईएमआई बढ़ सकती है।

ब्याज दरों के प्रकार का चयन करते समय अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम का मूल्यांकन करें।

10. टैक्स लाभ का लाभ उठाएं

होम लोन पर सरकार द्वारा कुछ टैक्स लाभ प्रदान किए जाते हैं:

धारा 80C: मूलधन (प्रिंसिपल) पर ₹1.5 लाख तक की कटौती।

धारा 24(b): ब्याज पर ₹2 लाख तक की कटौती।

धारा 80EEA: पहली बार घर खरीदने वालों के लिए अतिरिक्त ₹1.5 लाख तक की कटौती (कुछ शर्तों के साथ)।

इन टैक्स लाभों का उपयोग करके आप अपनी कर योग्य आय को कम कर सकते हैं और टैक्स बचत कर सकते हैं।

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होम लोन कैसे मिलता है?


1. पात्रता की जांच

होम लोन प्राप्त करने के लिए सबसे पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप पात्र हैं या नहीं। इसके लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार करें:

  • आयु सीमा: न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 70 वर्ष।
  • क्रेडिट स्कोर: 730 या उससे अधिक।
  • आय का स्रोत: नौकरीपेशा, व्यवसाय, या अन्य स्थिर आय स्रोत।
  • मासिक आय: कम से कम ₹25,000 प्रति माह।
  • कार्य अनुभव: नौकरीपेशा के लिए कम से कम 2 वर्ष और व्यवसायियों के लिए कम से कम 3 वर्ष।

2. आवश्यक दस्तावेज़

होम लोन के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है:

पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, या ड्राइविंग लाइसेंस।

पते का प्रमाण: बैंक स्टेटमेंट, बिजली बिल, पानी बिल, या राशन कार्ड।

आय प्रमाण:

  • नौकरीपेशा के लिए: सैलरी स्लिप, फॉर्म 16, और पिछले 3 वर्षों के आयकर रिटर्न।
  • व्यवसायियों के लिए: बिजनेस लाइसेंस, पिछले 3 वर्षों के आयकर रिटर्न, और बैलेंस शीट।

प्रॉपर्टी दस्तावेज़: प्रॉपर्टी का टाइटल डीड, NOC, और अन्य संबंधित दस्तावेज़।

3. आवेदन प्रक्रिया

  • ऑनलाइन आवेदन: विभिन्न बैंकों और HFCs की वेबसाइटों पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
  • ऑफलाइन आवेदन: बैंक की शाखा में जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ जमा करें।
  • प्रारंभिक मूल्यांकन: आवेदन प्राप्त होने के बाद बैंक आपकी क्रेडिट प्रोफाइल, आय, और अन्य कारकों का मूल्यांकन करता है।
  • संपत्ति मूल्यांकन: बैंक द्वारा प्रॉपर्टी का मूल्यांकन किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह ऋण की राशि के लिए उपयुक्त है।
  • ऋण स्वीकृति: सभी प्रक्रियाओं के बाद, बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत किया जाता है और एक स्वीकृति पत्र प्रदान किया जाता है।
  • ऋण वितरण: स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद, ऋण राशि आवेदक के खाते में जमा की जाती है।

होम लोन के प्रकार

1. होम पर्चेज लोन

यह लोन उन लोगों को फाइनेंशियल सहायता प्रदान करता है जो एक नया या पूर्व-स्वामित्व वाला घर खरीदना चाहते हैं। यह सबसे सामान्य प्रकार का होम लोन है और इसमें ब्याज दरें बैंक की नीतियों और आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती हैं।

2. होम कंस्ट्रक्शन लोन

यदि आप पहले से ज़मीन के मालिक हैं और उस पर घर बनवाना चाहते हैं, तो यह लोन आपके लिए उपयुक्त है। इस लोन के तहत, बैंक निर्माण की लागत के आधार पर ऋण प्रदान करते हैं।

3. होम एक्सटेंशन लोन

यह लोन मौजूदा घर में अतिरिक्त कमरे, मंजिल या अन्य सुविधाएं जोड़ने के लिए लिया जाता है। इसके तहत, बैंक प्रॉपर्टी के मौजूदा मूल्य और निर्माण लागत के आधार पर ऋण राशि निर्धारित करते हैं।

4. होम रेनोवेशन लोन

यदि आप अपने घर की मरम्मत, पेंटिंग या अन्य सुधार कार्य करवाना चाहते हैं, तो यह लोन लिया जा सकता है। इस लोन की ब्याज दर रेगुलर होम लोन के समान ही होती है। हालांकि, इसकी लोन अवधि रेगुलर हाउसिंग लोन की तुलना में कम होती है।

5. टॉप-अप लोन

यह मौजूदा होम लोन पर अतिरिक्त राशि प्राप्त करने के लिए होता है। इसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे शिक्षा, चिकित्सा, या अन्य व्यक्तिगत खर्चे।

6. होम लोन बैलेंस ट्रांसफर

यदि आप कम ब्याज दरों पर ऋण प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप अपने मौजूदा होम लोन को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे आपकी मासिक किस्तों में कमी आ सकती है और कुल ब्याज लागत भी घट सकती है।

सबसे सस्ता होम लोन किस बैंक का है?

विभिन्न बैंकों और HFCs द्वारा होम लोन पर ब्याज दरें अलग-अलग होती हैं। कुछ प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें हैं

HDFC बैंक: 7.35% प्रति वर्ष से शुरू।

ICICI बैंक: 7.45% प्रति वर्ष से शुरू।

SBI (State Bank of India): 7.50% प्रति वर्ष से शुरू।

Axis बैंक: 7.55% प्रति वर्ष से शुरू।

Bajaj Finserv: 7.45% प्रति वर्ष से शुरू।

यह ब्याज दरें आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल, आय, और अन्य कारकों पर निर्भर करती हैं। अतः सबसे सस्ता होम लोन प्राप्त करने के लिए विभिन्न बैंकों और HFCs की ब्याज दरों की तुलना करना आवश्यक है।

होम लोन पर सरकार द्वारा टैक्स लाभ

धारा 80C: मूलधन (प्रिंसिपल) पर ₹1.5 लाख तक की कटौती।

धारा 24(b): ब्याज पर ₹2 लाख तक की कटौती।

धारा 80EEA: पहली बार घर खरीदने वालों के लिए अतिरिक्त ₹1.5 लाख तक की कटौती (कुछ शर्तों के साथ)।

महिलाओं को होम लोन कैसे मिलता है?

महिलाओं को होम लोन पाने के लिए पात्रता मानदंड पूरे करने, आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने और आवेदन प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता होती है। महिलाओं को अक्सर विशेष लाभ मिलते हैं, जैसे कि कम ब्याज दरें, ₹2.67 लाख तक की PMAY सब्सिडी, और स्टाम्प ड्यूटी में छूट।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. ₹15,000 की सैलरी पर कितना होम लोन मिल सकता है?

₹15,000 की मासिक सैलरी पर होम लोन की राशि आपकी आय, क्रेडिट स्कोर, अन्य चल रहे लोन की ईएमआई, और लोन की अवधि पर निर्भर करती है। सामान्यतः, बैंक आपकी सैलरी का 60 गुना तक लोन प्रदान करते हैं, 

लोन राशि की गणना:

सैलरी का 60 गुना: ₹15,000 × 60 = ₹9,00,000

अन्य कारकों का प्रभाव:

क्रेडिट स्कोर: अच्छा क्रेडिट स्कोर (750 या उससे अधिक) लोन की स्वीकृति और ब्याज दर को प्रभावित करता है।

अन्य लोन: यदि आपकी कोई अन्य ईएमआई चल रही है, तो वह आपकी पात्रता को प्रभावित कर सकती है।

लोन की अवधि: लंबी अवधि की ईएमआई कम होती है, जिससे अधिक लोन राशि मिल सकती है।

2. होम लोन लेने के लिए क्या-क्या जरूरी है?

पहचान प्रमाण: पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस।

पते का प्रमाण: बिजली बिल, पानी का बिल, राशन कार्ड या बैंक स्टेटमेंट।

आय प्रमाण: वेतनभोगी के लिए सैलरी स्लिप, फॉर्म 16, और पिछले 3 वर्षों के आयकर रिटर्न (ITR); स्व-नियोजित के लिए पिछले 3 वर्षों के ITR, बैलेंस शीट, और बैंक स्टेटमेंट।

संपत्ति के दस्तावेज़: सेल एग्रीमेंट, NOC, और स्वीकृत बिल्डिंग प्लान की कॉपी।

आवेदन पत्र: बैंक द्वारा प्रदान किया गया भरा हुआ आवेदन फॉर्म।

3. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत होम लोन कैसे मिलता है?

ऑनलाइन आवेदन: PMAY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और “”Citizen Assessment”” या “”नागरिक मूल्यांकन”” टैब पर क्लिक करें।

आधार नंबर दर्ज करें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और सबमिट करें।

जानकारी भरें: आवेदन पत्र में व्यक्तिगत जानकारी, आय विवरण, बैंक खाता विवरण और परिवार के विवरण जैसी सभी आवश्यक जानकारी भरें।

दस्तावेज़ अपलोड करें: आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और भूमि दस्तावेज़ (यदि बीएलसी श्रेणी में हैं तो) जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।

फॉर्म जमा करें: सभी जानकारी की पुष्टि करें और फॉर्म जमा करें। आपको एक आवेदन संख्या प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

सहायक दस्तावेज़ों के साथ जमा करें: भरे हुए फॉर्म को डाउनलोड करें और सहायक दस्तावेज़ों के साथ इसे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या किसी वित्तीय संस्थान/बैंक में जमा करें।

इस प्रक्रिया के माध्यम से आप PMAY के तहत होम लोन प्राप्त कर सकते हैं।

4. होम लोन लेने में कितना खर्च आता है?

प्रोसेसिंग फीस: यह लोन राशि का एक प्रतिशत होती है (उदाहरण के लिए, 1% या ₹10,000, जो भी अधिक हो) और इस पर GST भी लगता है।

ब्याज दरें: ब्याज दरें बैंक और आवेदक की प्रोफाइल के आधार पर अलग-अलग होती हैं। सामान्यतः, ब्याज दरें 7.35% प्रति वर्ष से शुरू होती हैं।

दस्तावेज़ीकरण शुल्क: यह लोन से संबंधित दस्तावेज़ तैयार करने के लिए लिया जाता है।

अन्य शुल्क: इसमें बाउंस शुल्क, प्री-पेमेंट शुल्क, और लेट पेमेंट शुल्क शामिल हो सकते हैं।

5. महिलाओं को होम लोन कैसे मिलता है?

पात्रता मानदंड: महिलाओं के लिए आयु, क्रेडिट स्कोर, और आय का स्रोत जैसे सामान्य पात्रता मानदंड होते हैं।

विशेष लाभ: कई बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं को कम ब्याज दरें, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, और अन्य विशेष लाभ प्रदान किए जाते हैं।

आवेदन प्रक्रिया: महिलाएं अपने नाम से या सह-आवेदक के रूप में होम लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं। सह-आवेदन करने पर लोन की स्वीकृति की संभावना बढ़ सकती है।